बैलेंस ट्रांसफ़र क्या है
बैलेंस ट्रांसफ़र में नया लेंडर आपका मौजूदा होम लोन चुका देता है और आप आगे नए लेंडर को भुगतान करते हैं। मकसद आमतौर पर कम दर होता है। आपकी प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ नए लेंडर के पास चले जाते हैं, और वह आपकी पात्रता और प्रॉपर्टी की जाँच लगभग नए लोन की तरह करता है।
बची हुई अवधि सबसे ज़्यादा क्यों मायने रखती है
लोन की शुरुआत में ब्याज सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए जब लोन का बड़ा हिस्सा बाकी हो तब कम दर से कहीं ज़्यादा बचत होती है। इन उदाहरणों की तुलना करें, जिनमें दर आखिर तक वही मानी गई है।
| बचा हुआ लोन | दर में बदलाव | EMI की बचत | ब्याज की बचत |
|---|---|---|---|
| ₹40 लाख, 15 साल | 9.5% से 8.5% | ₹2,379 | ₹4.28 लाख |
| ₹40 लाख, 15 साल | 9.5% से 9% | ₹1,198 | ₹2.16 लाख |
| ₹15 लाख, 5 साल | 9.5% से 8.5% | ₹728 | ₹43,680 |
एक अंक की वही कटौती बड़े और लंबे बैलेंस पर लगभग ₹4.28 लाख बचाती है, लेकिन छोटे और कम अवधि वाले पर सिर्फ़ ₹43,680।
जोड़ने लायक खर्च
ट्रांसफ़र आमतौर पर मुफ़्त नहीं होता, और शुल्क काफ़ी अलग-अलग होते हैं। GST समेत पूरी सूची माँगें:
- नए लेंडर की प्रोसेसिंग फ़ीस, जो अक्सर लोन का एक प्रतिशत होती है और ऑफ़र में कभी-कभी घटाई या माफ़ की जाती है।
- कानूनी और मूल्यांकन शुल्क, प्रॉपर्टी की दोबारा जाँच के लिए।
- मॉर्गेज या स्टांप का खर्च, नया मॉर्गेज बनाने के लिए, जो आपके राज्य पर निर्भर है।
- मौजूदा लेंडर के शुल्क। व्यक्ति के फ़्लोटिंग दर वाले होम लोन पर प्रीपेमेंट शुल्क शायद लागू न हो, लेकिन अपना अनुबंध देखें, खासकर अगर दर फ़िक्स्ड है। दस्तावेज़ लेने के किसी शुल्क के बारे में भी पूछें।
- बीमा। अगर आपका लोन किसी पॉलिसी से जुड़ा है, तो पूछें कि उसका क्या होगा।
अपना ब्रेक-ईवन निकालें
ब्रेक-ईवन (महीनों में) = ट्रांसफ़र की कुल लागत ÷ हर महीने बचने वाली EMI
यहाँ वही उदाहरण हैं, जिनमें लोन का 0.5% और ₹15,000 का उदाहरण खर्च लिया गया है। आपके कोटेशन इससे ज़्यादा या कम हो सकते हैं।
| उदाहरण | लागत | ब्रेक-ईवन | नतीजा |
|---|---|---|---|
| ₹40 लाख, 15 साल, 1 अंक कम | ₹35,000 | 15 महीने | देखने लायक |
| ₹40 लाख, 15 साल, 0.5 अंक कम | ₹35,000 | 30 महीने | पहले दर घटवाने से तुलना करें |
| ₹15 लाख, 5 साल, 1 अंक कम | ₹22,500 | 31 महीने | फ़ायदा कम है |
लोन की तुलना बची हुई समान अवधि पर भी करें। नया लेंडर आपकी अवधि बढ़ाकर लुभावनी EMI दिखा सकता है, जिससे कुल ब्याज ज़्यादा हो सकता है।
पहले अपने मौजूदा लेंडर से बात करें
कई लेंडर बिना नए आवेदन या नई कानूनी प्रक्रिया के, कन्वर्ज़न या स्विच शुल्क लेकर आपकी दर घटा देते हैं। अगर आपका लोन कुछ समय पहले का है, तो हो सकता है आप नए ग्राहकों से ज़्यादा स्प्रेड दे रहे हों। पूछें कि वे कौन सी दर दे सकते हैं और उसका खर्च कितना है, फिर उसी आधार पर ट्रांसफ़र से तुलना करें। यह अक्सर सबसे आसान विकल्प होता है, और इससे आपको मोलभाव में भी मदद मिल सकती है।
ट्रांसफ़र के साथ टॉप-अप में सावधानी
नए लेंडर अक्सर ट्रांसफ़र के साथ टॉप-अप लोन देते हैं। असली ज़रूरत के लिए यह उपयोगी हो सकता है, लेकिन इससे आपका कर्ज़ बढ़ता है, और अतिरिक्त ब्याज आपकी बचत ख़त्म कर सकता है। पहले बिना टॉप-अप ट्रांसफ़र की तुलना करें, और देखें कि टॉप-अप की अपनी दर कितनी है।
प्रक्रिया आमतौर पर कैसे चलती है
- अपनी मौजूदा जानकारी लें। बकाया राशि और लेंडर के पास रखे दस्तावेज़ों की सूची माँगें।
- ऑफ़र की तुलना करें। सिर्फ़ दिखाई गई दर नहीं, बेंचमार्क, स्प्रेड, शुल्क और रीसेट का समय भी देखें।
- एक लेंडर को आवेदन करें। नए आवेदन से हार्ड इन्क्वायरी जुड़ सकती है, और आपके स्कोर व आय की फिर जाँच होगी। पहले होम लोन कैलकुलेटर में अपने आँकड़े देखें।
- फ़ोरक्लोज़र लेटर लें। नया लोन स्वीकृत होने पर मौजूदा लेंडर आपको लोन बंद करने की राशि का विवरण देता है।
- स्विच पूरा करें। नया लेंडर पुराना लोन चुकाता है, और प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ उसके पास आ जाते हैं। ट्रांसफ़र की पुष्टि होने तक मौजूदा EMI देते रहें।
- सही तरीके से बंद करें। नो ड्यूज़ सर्टिफ़िकेट लें, देखें कि सारे दस्तावेज़ लौट आए हैं, और पुष्टि करें कि क्रेडिट रिपोर्ट में पुराना लोन बंद दिख रहा है।
कब ट्रांसफ़र न करें
- सिर्फ़ कुछ साल या छोटा बैलेंस बचा हो।
- दरों का अंतर कम हो और ब्रेक-ईवन सालों दूर हो।
- आपकी आय या क्रेडिट स्कोर गिर गया हो, जिससे नया लेंडर बेहतर दर शायद न दे।
- आप जल्द प्रॉपर्टी बेचने या लोन चुकाने वाले हों।